मस्तूरी। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही अघोषित बिजली कटौती और गहराते जल संकट को लेकर अब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत के नेतृत्व में 20 अप्रैल को सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण बिलासपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।
जानकारी के अनुसार, मस्तूरी क्षेत्र में पिछले कुछ समय से बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बिजली संकट के कारण घरेलू कार्यों में बाधा आ रही है, वहीं व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
इधर, खारंग जलाशय (खुटाघाट) से पानी नहीं छोड़े जाने के कारण क्षेत्र में जल संकट और गंभीर हो गया है। ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई ग्राम पंचायतों के तालाब सूख चुके हैं और जलस्तर नीचे जाने से पानी की समस्या विकराल रूप ले चुकी है।
जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलाशय से पानी नहीं छोड़ा गया और बिजली कटौती पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
20 अप्रैल को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में मांग की जाएगी कि तत्काल प्रभाव से अघोषित बिजली कटौती बंद की जाए तथा खारंग जलाशय से पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जाए, ताकि मस्तूरी क्षेत्र को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।
