बोर खनन 6 अप्रैल से 30 जून तक रोक के आदेश बेअसर, मस्तूरी,पचपेड़ी सहित कई ग्राम पंचायतों में रात के अंधेरे में जारी अवैध गतिविधि।
मस्तूरी । जिले में जल संरक्षण को लेकर कलेक्टर द्वारा 6 अप्रैल से 30 जून तक बोर खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन मस्तूरी तहसील और पचपेड़ी तहसील क्षेत्र में इस आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों में रात के अंधेरे में बेधड़क अवैध बोर खनन किया जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल मस्तूरी जवाबदार अधिकारियों की कार्यशैली पर उठ रहा है, जिन्हें इस आदेश के पालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्षेत्र में खुलेआम हो रहे अवैध खनन से यह साफ प्रतीत होता है कि या तो प्रशासन की निगरानी कमजोर है या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय भारी मशीनों की आवाजें साफ सुनाई देती हैं, जाकर देखने पर पता चलता है कि बोर का खनन हो रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इससे यह संदेह भी गहराता जा रहा है कि कहीं न कहीं इस अवैध कारोबार को संरक्षण तो नहीं मिल रहा। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर कब तक सख्त कार्रवाई करता है और क्या मस्तूरी जवाबदार अधिकारि इस पर नियंत्रण पाने में सफल हो पाते हैं या नहीं।
